'कागज़ी सी यह निगाहें, करती है क्या क्या बयाँ, रहना चाहूँ दर पे उसके, यार मुझको ना जगा' एक प्यारभरी स... 'कागज़ी सी यह निगाहें, करती है क्या क्या बयाँ, रहना चाहूँ दर पे उसके, यार मुझको न...