महज एक सपना है की सपनों में कोई अपना ये तो उसी के द्वारा भी रुलाई जायेगी । महज एक सपना है की सपनों में कोई अपना ये तो उसी के द्वारा भी रुलाई जायेगी ।
मजबूती से थामों एक दूजे का हाथ। यही पुनीत भावना, करो नित्य साधना।। मजबूती से थामों एक दूजे का हाथ। यही पुनीत भावना, करो नित्य साधना।।
भाषा के ही द्वारा मैं, तेरा पैग़ाम सुनती हूँ। भाषा के ही द्वारा मैं, तेरा पैग़ाम सुनती हूँ।
दिल की बातों को लिखती और साँझा करती हूँ, तीन कविता संग्रह और एक कहानी संग्रह के आने के बाद भी, अभी ओ... दिल की बातों को लिखती और साँझा करती हूँ, तीन कविता संग्रह और एक कहानी संग्रह के ...