अब आदत भी ऐसी हो गयी बिन तकलीफों के रहा जाता नहीं। अब आदत भी ऐसी हो गयी बिन तकलीफों के रहा जाता नहीं।
चेहरे पर हिजाब ये जांचता नहीं है तुम्हारे। न पहनो हिजाब असलियत नज़र आने दो। चेहरे पर हिजाब ये जांचता नहीं है तुम्हारे। न पहनो हिजाब असलियत नज़र आने दो।