अर्थी ही उठेगी, उस आँगन से तेरी, शहनाई के साथ, जिस आँगन में उतरी डोली। अर्थी ही उठेगी, उस आँगन से तेरी, शहनाई के साथ, जिस आँगन में उतरी डोली।