अरि पर हम तलवार उठाएँ गे अब आँखों में अश्रु नहीं अब तो चिंगारी ही दहकती है।। अरि पर हम तलवार उठाएँ गे अब आँखों में अश्रु नहीं अब तो चिंगारी ही दहकती...