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दिपमाला अहिरे

Children Stories

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दिपमाला अहिरे

Children Stories

तू साथ है !!

तू साथ है !!

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चलते चलते लड़खड़ाऊं अगर 

तू आकर हाथ थाम लेती हो

डरने की, क्या बात हैं

माँ अगर तू साथ हैं!


    न बोलते ही तुम समझ जाती हो

    कब भूख लगी, कब प्यास

    धूप में तुम छांव बन जाती हो

    बारिश के पानी से बचाती हो

    ठिठुरती ठंडी में तू प्यार कंबल ओढ़ाती हो

     मुझे डरने की, क्या बात हैं

      माँ अगर तू साथ हैं!


    स्कूल हो या दफ्तर आगे बढ़ना सिखाती हो

    सुख हो या दुःख तुम हर वक्त साथ निभाती हो

    जीवन की, हर राह में तू मेरा साया बन जाती हो

    डरने की, क्या बात हैं

    माँ अगर तू साथ हैं!



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