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Gunjan Singh

Others

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Gunjan Singh

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तुम दोस्त पुराने आ जाना

तुम दोस्त पुराने आ जाना

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शौक नहीं, होटल और रेस्टोरेंट के यारों,

बस कोई चाय की टपरी पर आ जाना ।

भुलाकर गिले-शिकवे यारों,

बस अपने मुखड़े पर प्यारी स्माइल ले आना।।


करेंगे सिलसिला बातों का,

स्टार्ट स्कूल टाइम से।

डिग्री पढ़ाई और नौकरी ,

जैसी बातें घर अपने रखा ना।।


बैठेंगे हम सब साथ बड़े चैन से,

ना करें कोई बीच में परेशान मोबाइल भी घर छोड़ आना।

हां चलो कर लेंगे बातें तुम्हारे वाले की भी,

बस वक्त थोड़ा ज्यादा ले आना।।


यह जो शौक पाल रखा है, तुमने धूम्रपान का ।

हो सके तो इसे भी ,

कुछ वक्त के लिए छोड़ा ना।।


चलो बातें करेंगे ही ,

तो कर लेंगे बातें मोहब्बत पर भी।

शर्त यह है कि भूल कर अपने नए महबूब को ,

स्कूल वाले महबूब की यादें ले आना ।।


हो सके तो मिलने के लिए सभी यारों को बता देना,

टाइम ,पता और ठिकाना।

जन्नत से लगने लगेगी वो चाय की टपरी भी ,

जहां होगा हम सब यारों का मिल जाना।।


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