STORYMIRROR

Neel Nimbark Nilesh (Akshay)

Others

2  

Neel Nimbark Nilesh (Akshay)

Others

था एक जमाना...कभी सोचते हैं...

था एक जमाना...कभी सोचते हैं...

1 min
106

था एक जमाना हमारा भी , कभी सोचते हैं, 

जी लिया करते थे अपनों के लिए॥ 


सुन लिया करते थे अपनों की बातें, 

कभी नजर अंदाज कर देते थे कई बाते॥ 


क्योंकि रिश्ते भी हमारे थे, निभाना जो था, 

क्या पता आज रिश्ते निभाते निभाते कहाँ पहुँच गये हम॥ 


था एक जमाना हमारा भी , कभी सोचते हैं, 

जी लिया करते थे अपनों के लिए॥ 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Neel Nimbark Nilesh (Akshay)