STORYMIRROR

Sriya Pattnaik

Others

3  

Sriya Pattnaik

Others

शायर की शायरी

शायर की शायरी

1 min
254

एक वजह से ही वजह मिल जाती है,

दिल टूटने की सजा मिल जाती है।

गम से भरी दास्ताँ सुनाऊँ तो अक्सर,

ये दुनिया उसे शायरी मान जाती है।।

वः फरमाऊँ तो उस दिल को,

जिसने चोट खाके संभलना सीखा है।

आम ही तो था वो इंसान,

जिसको इस दुनिया ने शायर बनाया है।।

यादों की पन्ने जल के राख हो चुके हैं,

राग भी दिल पे मलहम सा लग चुका है।

उम्मीदें बयां ना होती शायर की शायरी है आजकल,

दिल से बस धड़कन की आवाज़ सुनाई देता है।।



Rate this content
Log in