रंगों का पर्व होली
रंगों का पर्व होली
मुबारक हो आपको यह रंगों का त्योहार,
आपके जीवन में कभी कम ना हो रंगों की बौछार!!
चहूँ ओर उड़ाओ आज रंग गुलाल,
मिटाकर आज सारे गिले-शिकवे मलाल!!
कोई भी ना आज अपने रंग से बचेगा,,
हर गली मोहल्ले में बस प्रेम का रंग चढ़ेगा!!
हमेशा आपके जीवन में खुशियां प्रेम और उन्नति के रंग हो,
इतनी ही आरजू है कि कभी ना आपकी जिंदगी बेरंग हो!!
सब कुछ छोड़कर आज अपनों के रंग में रंग जाइए,
जो आपके शत्रु है आज उन्हें भी गले लगाइये!!
वृंदावन में भी रंगों ने बहुत धूम मचाई,
ग्वाल गोपियों के संग राधा भी झूमती नजर आई!!
अवध वासियों ने भी राम के रंग में रंगकर जमके धूम मचाई,
जहां देखो वहीं हाथों में अबीर- गुलाल
और पकवानों की थाली नजर आई!!
बस इतना ही कहूंगी कि आपका जीवन रंगीन होने के साथ-साथ
दूसरों के जीवन में भी रंग बिखेरने का प्रयास करें,
" सर्वे भवंतु सुखिन:" भाव को सार्थकता प्रदान करें!
