रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
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यह प्यार का त्यौहार है , यादों का त्यौहार है ।
हमारे बचपन की लड़ाइयां , आज भी तैयार हैं ।
वो मेरा तुझे पापा की चमची कहकर बुलाना ,
मुझे आज भी याद है ,वो तेरा हर बात पे रूठ जाना ।
तूने मुझे हमेशा मेडक कह के बुलाया था ,
फिर भी तुझ पर उतना ही दुलार आया था ।
एक बहन और भाई का रिश्ता ही निराला है ,
जिस को हर किसी ने माना है ।
ना इसका कोई मोल है ,ना इसका कोई तोल है ,
भाई , बहन ने एकदूसर के कई नाम रख दिए ।
जिससे प्यार के कई रंग भर दिए ।
कई नाम रख के हमने किस्से याद कर लिए ,
जीवन भर के किस्से यादगार कर लिए ।
