STORYMIRROR

Rashmika ``રસુ´´ CHAUDHARI

Others

3  

Rashmika ``રસુ´´ CHAUDHARI

Others

प्रकृति

प्रकृति

1 min
144

मौसम ने आज रुख बदला देखो ,

प्रकृति ने बदला स्वरूप देखो ।


मन में उठे तरंग को देखो ,

शब्द भी कम पड़ जाए उसका वर्णन करते देखो ।


सभी पुष्प खिल उठे , धरती ने ओढ ली चादर देखो ,

यह मिट्टी की खुशबू मन को मोह लेती है , कितनी यादों को ताजा कर देती है ।


बदला स्वरूप प्रकृति का याद कुछ दिला रहा है , वह छुपी हुई यादों को देखो ।


आकाश की तरफ तरसी नजरें देख रहे , बरसेगी कब बारिश की बूंदे देखो ।

मन मेरा किलोल करता , प्रकृति के सौंदर्य पर मरता,

लहराता मीठे पवन को देखो , देता दिलों को वह ठंडा कर देखो ।


धरती पर हरियाली छा गई , त्योहारों का भी मौसम आ गया।

प्रकृति का एक एक रंग दिल को मोह लेती है , जीवन में देखो जैसे प्राण डाल देती है ।


ये कैसा मौसम आया है ,? प्रकृति ने बदला अपना स्वरूप देखो ।


Rate this content
Log in