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Writer Roja Panda

Others

4.1  

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फर्क

फर्क

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पेट भरने के लिए काम तो हर कोई करता है

फर्क सिर्फ इतना है की कोई ईमानदारी से

तो कोई बेईमानी से काम करता है।


पढता तो हर कोई है,

फर्क सिर्फ इतना है की कोई समय बचाकर तो

कोई समाया लुटाकर पढता है।


दोस्ती तो हर कोई करता है,

फर्क सिर्फ इतना है की कोई सिर्फ एक से तो

कोई हज़ारो से दोस्ती करता है।


सुंदर तो हर कोई होता है ,

फर्क सिर्फ इतना है की कोई चेहरे से तो

कोई दिल से सुंदर होता है।


रोता तो हर कोई है,

फर्क इतना है की कोई आंसू बहाकर तो

कोई आंसू छुपकर रोता है।


हसता तो हर कोई है,

फर्क सिर्फ इतना है की कोई गम छुपाकर तो

कोई गम देखकर हस्ता है।


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