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मुक्तक

मुक्तक

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खफ़ा तो नहीं हूँ हैरतज़दा हूँ थोड़ा सा,

गमगीन नहीं खुद से जुदा हूँ थोड़ा सा,

चाहें दिखता हो बद तुमको मेरी सूरत में

खुद की नजर में मैं भी खुदा हूँ थोड़ा सा


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