मेहनत व अवसर
मेहनत व अवसर
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तुम्हें वो सब मिल सकता है,
जिसके लायक़ तुम खुद को समझते हो,
अवसर ईश्वर दिलाते हैं,
तुम कहाँ इंसानों के चक्कर में पड़े हो,
किसी को प्रसन्न करना ही है,
तो भगवान को करो अपने मेहनत से,
ना हार मानने वाली अनगिनत कोशिशों से,
और जब तुम्हारे राम जी ने सुन ली तुम्हारी गुहार,
उस दिन जो अवसर प्राप्त होगा तुम्हें,
उस से तुम्हें वो सब मिल सकता है,
जिसके लायक़ तुम खुद को समझते हो,
सफलता तो ईश्वर दिलाते हैं,
तुम कहाँ इंसानों की झूठी फ़ितरत में फँसे हो....
