माँ
माँ
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ईश्वर तो बहुत दिलदार थे,
जिन्होंने हमारी किस्मत बदली।
ज़िंदगी में ले आए खुशियाँ
अपने जन्मदाता के साथ।
रानी की उत्पत्ति हुई एक रानी द्वारा,
आवास है खुद परमात्मा का उनमें।
जब जीवन भर है इनका साथ,
कोई शिकायत की बात ही नहीं हुई अब तक।
इतना त्याग, इतना स्वार्थरहित प्रेम
तो बस एक माँ ही कर सकती है।
हमारे काम साकार करने वाले शख्स
को निस्वार्थ प्रेम तो बस हम कर सकते हैं।
