माँ - तू ही जहाँ सारा
माँ - तू ही जहाँ सारा
तेरा सूरज तेरा चंदा तेरी आँखों का मैं तारा,
तुमसे है हर साँस मेरी तू ही जहाँ सारा ।
तू ही प्रेरणा तू ही साथी तू ही मेरी मंजिल,
तू ना हो जो साथ मेरे जीना बड़ा मुश्किल ,
रातों की लोरी तू मेरी ,ममता की तू धारा ।
तुमसे है हर साँस मेरी तू ही जहाँ सारा ।
आस तू विश्वास तू , तू ही मेरा आगाज,
मेरे पंखों को दिया है,तूने ही परवाज।
तेरी दुआओं ने आकर थामा जब भी मैं हारा ।
तुमसे है हर साँस मेरी तू ही जहाँ सारा ।
माँ तुम्हारा ऋण बहुत है कैसे चुकाएँगे,
तेरे चरणों में सदा ही सर झुकाएँगे ।
तू मेरा संबल है माँ और तू ही है सहारा ।
तुमसे है हर साँस मेरी तू ही जहाँ सारा।
तेरा सूरज तेरा चंदा तेरी आँखों का मैं तारा,
तुमसे है हर साँस मेरी तू ही जहाँ सारा।
