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Deepak Joshi

Others

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Deepak Joshi

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" कल्कि "

" कल्कि "

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विश्व पटल पर उद्घोष हुआ है,

कि वो आने वाला है। 

कम्पन और तूफान उठा है।

कि वो आने वाला है।

पाप कुंभ अब छलक रहा है, 

कि वो भरने वाला है। 

बस पापियों का नाश बचा है, 

कि वो आने वाला है

अत्याचार मचाने वालों, 

भ्रष्टाचार फैलाने वालों, 

देखो! धरा का ज्वालामुखी 

अब फटने वाला है।

होगा प्रकट, अविरल- अविनाशी, 

वो आने वाला है।

पाप मिटेगा, ठाठ मिटेगा, 

जीवन का उत्पात मिटेगा, 

हर उत्तपाती, हर आंतकी,

हर राक्षस तब काँप उठेगा।।

विश्व पटल पर उद्घोष हुआ है, 

कि वो आने वाला है, 

हर पापी, हर अत्याचारी अब जान चुका है, 

कि वह अब मिटने वाला है।



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