कल अगर न रहे हम
कल अगर न रहे हम
1 min
363
ना कोई उम्मीद न तमन्ना न फरियादें होंगी,
कल अगर न रहे हम उनकी पलकों से भी बरसाते होंगी!
इसी कशमकश में गुजरा है दिन अपना,
वो साथ नहीं तो कैसी ये रातें होगी!
वो आज साथ है मेरे पास है मेरे,
कल वो नहीं तो अज़ीज उनकी यादें होंगी!
पहचानते है उनकी खुशबू से उनको,
कल यादो में ख्वाबों में मुलाकातें होंगी!
