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Abhijit Tripathi

Others

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Abhijit Tripathi

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ख्वाहिश

ख्वाहिश

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जब तक रहे प्राण इस तन में जीवन रहे राष्ट्र रंग रंगा

भले बूंद दो बूंद मिले पर होंठों पर हो निर्मल गंगा

कुछ पाने खोने की आस नहीं, शेष नहीं कोई भी प्यास

एक यही बस दिल की ख्वाहिश मरने पर मिले कफन तिरंगा।


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