STORYMIRROR

Sakshi ojha

Others

1  

Sakshi ojha

Others

जीवन का ये दिन

जीवन का ये दिन

1 min
21

जीवन में एक दिन ऐसा भी आया ,

जब कोई एक दूसरे से मिल भी ना पाया।

घर में अकेले बैठे बैठे,

काफी लोगों ने खुद को पा लिया,

कुछ ने तनाव में आके खुद को गंवा दिया।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन