जब इच्छा मन में रह जाती है
जब इच्छा मन में रह जाती है
1 min
268
जब इच्छा पूरी होते होते रुक जाती है
तो मन में घड़ी की तरह सुई रुक जाती है
फिर उस इच्छा को देखने तक का मन
नहीं करता
फिर जैसे वह एक सपना बनकर रह जाती है
और कहीं खो जाती है
लेकिन किसी ना किसी दिन वह फिर
सामने आ जाती है
और फिर रुला जाती है
जैसे उसका कोई मतलब ही नहीं
बस वो एक याद बनकर रह जाती है
जब इच्छा पूरी होते होते रुक जाती है
तो मन में घड़ी की तरह सुई कहीं
अटक जाती है
