STORYMIRROR

sandeep pandey कबीर

Others

4  

sandeep pandey कबीर

Others

इंतजार ₹सA✍️

इंतजार ₹सA✍️

1 min
225

वेदना घात लगाए बैठी हैं

वेदना से पहले तू आ जा

इससे पहले कि रो दू

इससे पहले कि मेरी चीखें

हृदय में दब जाए


इससे पहले कि 

बादलों से बूदें टूटे

इससे पहले तू आ जा

इससे पहले कि फसलें सुख जाए

इससे पहले कि हम बंजर हो जाए


इससे पहले कि नदियां सुख जाए

इससे पहले कि रेत समंदर तक उड़ जाए

इससे पहले तू आ जा

इससे पहले कि चाँद आए

इससे पहले कि सूरज निकले


इससे पहले कि शाम आए

इससे पहले तू आ जा 

इससे पहले कि तेरी याद आए

इससे पहले कि मैं बुलाने आऊ

इससे पहले कि वक्त सफ़ऱ पे निकले

इससे पहले कि इंतज़ार करू

इससे पहले कि सड़क टूट जाए

इससे पहले तू आ जा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from sandeep pandey कबीर