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हो सकता है

हो सकता है

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जाड़े के कड़कड़ाते हुए पत्ते

बसंत को भेद कर हरे हो सकते हैं

 

आसमानी बारिश में किसी के जलते हुए

आंसुओं की आग भी हो सकती है

एक अमीबा का आकार

समय के आकार से ज्यादा भिन्न नहीं है

किसी का बंधा हुआ संयम

एक हलकी ख़ामोशी से भी टूट सकता है

 

दरवाजे के बाहर साँसें न लेता हुआ

जीवन भी हो सकता है

ऊँचें पर्वतों की एक शृंखला

हवा से भी ढह सकती है

रेगिस्तान की रेत समंदर किनारे जाकर

अपनी पिपासा शांत कर सकती है 

 

निराश प्रेमी अजंता की गुफाओं में

जाकर दम तोड़ सकते हैं

जिन घरों में लोग सुरक्षित हैं

वे गिरती दीवारें भी हो सकती हैं

एक भीख मांगता बच्चा

स्वयं ईश्वर भी हो सकता है

 

लहरों से निकल कर आते नीले घुड़सवार

तुम्हारे हिस्से का युद्ध लड़ सकते हैं

हो सकता है सुबह के सूरज ने जिद्द पकड़ी हो

ना निकलने की ठानी हो 


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