चला जाऊँगा तेरे शहर से
चला जाऊँगा तेरे शहर से
1 min
338
चला जाऊँगा तेरे शहर से एक दिन मैं
तुम मिल के भी न मिल सकोगे,
जानता हूं तुम खुश हो आज भी
और कल भी खुश रहोगे,
पर अफ़सोस तो उस बात का है महज,
जब भी हम तुम्हें याद आएँगे
बस तुम्हारी पलकों से अक्स बनकर
बह जाएँगे ।।
