छलकते आँसू.....
छलकते आँसू.....
1 min
434
जब भी दर्द ने आह भरी
हम झट से मुस्कुरा दिये,
तभी दिल के कराहने की आवाज़ आयी
तो जरा सा गुनगुना दिये,
दर्द भी दब गया
और दिल को भी समझा दिये हम,
पर आँखो का क्य?
ये तो सच बयान करते हैं
जरा क्या जीकर हुआ तेरा,
इन्होने आंसू छन से छलका दिये।
