STORYMIRROR

Mirza Sanuarbaig

Others

2  

Mirza Sanuarbaig

Others

बिन बुलाए मेहमान

बिन बुलाए मेहमान

1 min
464

फ़ितरत ! मौसम-ए- बहार में दावत के बग़ैर 

जो कोयल को चहकना

बिन बुलाए मेहमान की तरह

ऐसे किसी भी मेहफ़िल में दावत के बग़ैर

मुश्ताक़ों को उछलना

बिन बुलाए मेहमान की तरह

कहो! मज़ा क्या ? जो खाने में दावत के बग़ैर

है बच्चों को बहकना

बिन बुलाए मेहमान की तरह

झूठे - बाराती शादी में, दावत के बग़ैर

जा - खाने को निगलना

बिन बुलाए मेहमान की तरह ।


Rate this content
Log in