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jassimar Vohra

Others

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jassimar Vohra

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बचपन

बचपन

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जब भी बचपन के बीते हुए

दिन याद आते है,

चेहरे पर एक अनोखी सी

मुस्कुराहट लाते है!


क्या दिन थे वो जो हमने

हँस - खेलकर बिता दिए,

पर अब समझ आया है,

कि कितने कीमती लम्हे थे 

हमने यू ही गंवा दिए!

 

जो रेत की तरह हमारे

हाथ से फिसल गए,

वहीं यादें जुटानी है!

वो बचपन कि यादें

कितनी सुहानी है,

कितनी है सुहानी!!


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