बचपन
बचपन
1 min
188
सबसे अलग था दोस्तों बचपन का जमाना
खेलना कूदना और बारिश में नहाना।
मम्मी के हाथ से खाना खाना
पापा के कंधे पर बैठ कर बाज़ार जाना।
जब मम्मी की डाँट से दादी थीं बचाती
और जब होता बुखार तो सो न पाती।
दादा का दुलार पाना
और उनके साथ बगीचे में घूमने जाना।
गुदगुदी कर दूसरों को हँसाना
और छोटी छोटी बातों पर रूठ जाना।
बात बात पर जब ढूँढते मस्ती का बहाना
और सुहाने मौसम में थे जब गाते गाना।
तब कोई न था पराया सब थे अपने
देखते थे जब डॉक्टर ,इंजिनीयर बनने के सपने।
बचपन था एक बड़ा खजाना
यही तो है दोस्तों बचपन का जमाना।
