STORYMIRROR

Vanshika Phadtare

Others Children

2  

Vanshika Phadtare

Others Children

बचपन की यादें

बचपन की यादें

1 min
116

बचपन में हमारे पास होता वक़्त ही वक़्त,                

पर बड़े होने पर चैन की सांस लेने की भी नहीं फुरसत।

बचपन में हम सिर्फ करते आराम,                      

पर बड़े होने पर कुछ नहीं कर पाते सिवाए काम।

बचपन में हम सोचते रहते की बड़ों की ज़िन्दगी है आसान,     

पर बड़े होने पर पता चलता हैं कि

जिंदगी जीने के लिए हैं युद्ध घमासान। 

बचपन में खेल, कूद, शोर, हँसना,

चिल्लाना इसमें ही बिता वक़्त हमारा,                                        

बड़े होने पर यहीं बचपन की सुनहरी यादें

बन जाती जीने का एक सहारा।

इसीलिए दोस्तों बचपन की यादों के साथ

बचपन भी दिल में संभाले रखना।



Rate this content
Log in