STORYMIRROR

Snaya K

Others

1  

Snaya K

Others

बादल

बादल

1 min
260

ए बादल तू आता तो रोज़ है

पर बरसता क्यों नहीं

क्या नाराज़ है हमसे

जो हमे देखता नहीं



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Snaya K