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Aarti Sahu

Others

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Aarti Sahu

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बाबरी मस्जिद फैसला |

बाबरी मस्जिद फैसला |

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मंदिर बने या मस्जिद

तुम अपने घर मत तोड़ना।


फैसला चाहे जो भी हो

अपनी इंसानियत ना छोड़ना।


अगर कण-कण में है भगवान 

तो मस्जिद के इटों में भी होगा उसका वापस,

मंदिर में भी होगा अल्लाह का एहसास।


फैसला चाहे जो भी हो, इस बात पर गौर करना 

कोई ना हिन्दू होता है, ना मुसलमान होता है

हम सब के भीतर बस एक इंसान होता है।।


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