अमरत्व की भी मौत होती है
अमरत्व की भी मौत होती है
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खत्म
हो
जाता है
एक दिन
सबकुछ
समय के
अनुसार
रह जाती
है सिर्फ
समय
और
पूर्व के
समय
की
जुड़ी हुई
यादें
लेकिन
ये यादें
भी
धूमिल
होते होते
एक दिन
खत्म
हो
जाती हैं
क्योंकि
हर चीज
की
उम्र है,
हर चीज
का
मतलब
हर चीज
जो भी
आज है
मूर्त में है
या
अमूर्त में है
बचपना
के बाद
युवा और
फिर बूढ़ा
हो जाएगा
यह कृति
जिसे
हम
अमर
कहते हैं
उस
अमरत्व
का भी
एकदिन
मौत
हो जाती है
समय
अमर है
यह
कभी भी
नहीं
मरता है.
