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V. Aaradhyaa

Drama Classics

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V. Aaradhyaa

Drama Classics

ऐसे अनाड़ी के दीवाने बहुत हैं

ऐसे अनाड़ी के दीवाने बहुत हैं

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सबके दिलों में आज वीराने बहुत हैं,

बहुत है दर्द और अफसाने बहुत हैं !


है नहीं जख्मों पे मरहम लगाने वाला कोई,

इस दहर में अब तो ऐसे अंजाने बहुत हैं !


जो नहीं कहतीं नहीं सुनतीं किसी की,

ऐसी स्त्रियों के लिए उलाहने ताने बहुत हैं !


जिनकी फितरत ही दगा देने की रही है,

उनके लिए तो अपने कम बेगाने बहुत हैं !

 

न जाने जो करना प्यार और मुनहार,

ऐसे अनाड़ी लोगों के भी दीवाने बहुत हैँ !


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