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अधूरी ख्वाहिश

अधूरी ख्वाहिश

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अंधेरों में जाते वक़्त थोड़ा सा रौशनी, अजीब सा होने लगा दिल में, अधूरी ख्वाहिश फिर से छलक उठी, और पास जाते ही मालूम हुआ, आँखों का धोखा है सब, दिल ने दे दिया अंतिम जवाब, मोहब्बत की नज़दीकियों से हजारों मील दूर....


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