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प्रेम गली लागे भली, प्रेम गली लागे भली,
पाखी उड़े अकास में, देहि भेद बतलाय कर्म, ज्ञान के पंख द्वि, साधु मुक्त कराए। पाखी उड़े अकास में, देहि भेद बतलाय कर्म, ज्ञान के पंख द्वि, साधु मुक्...
जेल याये अब ललचावे, छूटन को मौको आयो तो, दहाड़े, रोए, चिल्लावे। जेल याये अब ललचावे, छूटन को मौको आयो तो, दहाड़े, रोए, चिल्लावे।
समय चक्र चलाए सबकूं, बिन ध्वनि बिन गतिमान रै। समय चक्र चलाए सबकूं, बिन ध्वनि बिन गतिमान रै।
खुली किताब सा जीवन मेरा, पन्ने इसके अंतर्मन। खुली किताब सा जीवन मेरा, पन्ने इसके अंतर्मन।