लेखिका ✍️(स्वरचित)
सूनी रही हैं मेज़ मेरी, और खाली रहे हैं हाथ, ना फूल मिला, ना चॉकलेट, ना यादों वाली बात। वो टेडी जिसक... सूनी रही हैं मेज़ मेरी, और खाली रहे हैं हाथ, ना फूल मिला, ना चॉकलेट, ना यादों वा...
जीवन एक बहती धारा है, कभी शांत तो कभी उफान है, यह संघर्षों की धूप भी है, और ठंडी छांव का वरदान है। न... जीवन एक बहती धारा है, कभी शांत तो कभी उफान है, यह संघर्षों की धूप भी है, और ठंडी...
दिल की भी कुछ यू कहानी है जो चाहिए खुदा मेरे लकीरो में लिखा नहीं होगा! दिल की भी कुछ यू कहानी है जो चाहिए खुदा मेरे लकीरो में लिखा नहीं होगा!
खुशियों का खजाना होता था खुशियों का खजाना होता था