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यू.पी. 25 पार्ट-1

यू.पी. 25 पार्ट-1

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चारबाग रेलवे स्टेशन कुछ ही पलों में आने को था, बमुश्किल 3-4 मिनट लगा होगा कि ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 4 पर रुकी। किशन ने अपनी किताबों और कपड़ों से भरा नीले कलर का बैग कंधे पर उठाया और ओवरब्रिज की सीढ़ियों से उतरता हुआ स्टेशन से बाहर निकला।

आज किशन के दिल में सुकून और आँखों में चमक थी, हो भी क्यों ना? आज वो 6 महीने बाद घर जो जा रहा था।

कैसरबाग बस स्टैंड के लिए टैक्सी कहाँ से मिलेगी? एक बुजुर्ग से पूछते हुये किशन ने कहा, उधर से मिलेगी! बुजुर्ग ने दाहिनी तरफ इशारा करते हुए कहा। किशन ग्रीन कलर की टैक्सी की तरफ बढ़ा, अपने भारी-भरकम बैग को टैक्सी पर रखते हुए टैक्सी वाले से किशन ने पूछा!

कितना समय लगेगा?

साहब 10 मिनट लगेगा, टैक्सी वाले ने कहा।

अपने पसीने को पोछते हुए किशन टैक्सी से उतरते ही कैसरबाग बसस्टैंड की तरफ बढ़ा।

साहब कुछ रूपये दे दो, भूख लगी है, एक फटी साड़ी पहने बुजुर्ग महिला ने कहा!

अपने वॉलेट को निकालते हुये, उस महिला से किशन ने कहा "50 चलेगा क्या?"

साहब चलेगा, उस महिला ने हाँ में सिर हिलाते हुए कहा।

अपने मोबाइल की तरफ नज़र गड़ाते हुए किशन ने देखा, रात का 9 बज रहा था, किशन की आँखे "यू पी 25" बरेली डिपो को इधर-उधर खोज रही थी,आखिर में एक लाल रंग की बस नजर आयी जिस पर लिखा था "यू.पी 25" बरेली डिपो। किशन के मन में समुद्री लहरें हिलोरे ले रहीं थी, वो बहुत खुश था कि अब सिर्फ उसे 6 घंटे का सफर और तय करना है, वो बस में चढ़ा और डबल सीट वाली लाइन में बैठ गया, पूरी बस लगभग भर चुकी थी..बस किशन के बगल वाली एक सीट खाली थी।

बस के कुछ दूर निकलने के बाद ही, एक लड़की बस के आगे हाथ अप-डाउन करते दिखी

STOP! STOP! STOP! कंडक्टर ने ड्राइवर को झल्लाते हुए कहा।

करीब 5 फीट 3 इंच लम्बी एक लड़की बस में हवा के झोंके की तरह एंटर होती है, उसकी आँखों में काला चश्मा और कंधे पर किशन की तरह ही एक बैग था। वो सीट खोजने का प्रयास शुरू कर देती है और अन्तता उसे कामयाबी किशन के बगल में आकर ही मिलती है।

बस लगभग 30 किमी. का सफर तय कर चुकी थी, पर दोनों में से किसी ने भी बोलने का प्रयास नहीं किया।

वैसे किशन लड़कियों से शर्माता नहीं था, पर पहले बोलने का प्रयास उसने आज तक किसी लड़की से नही किया था।

आप को कहाँ तक जाना है? उस लड़की ने किशन से पूछा।

बरेली तक जाना है, उसके प्रश्न का उत्तर देते हुये किशन ने कहा।

आपको कहाँ जाना है? किशन ने पूछा

मुझे भी बरेली तक ही जाना है, उसने कहा!

आपका क्या नाम है? किशन ने पूछा

मेरा नाम जानवी है, उसने कहा

आपका नाम क्या है? जानवी ने किशन से पूछा

मेरा नाम किशन है, उसने ने बताया

कभी जानवी के बाल किशन के चेहरे को छूते, तो कभी किशन की कोहनी उसकी कोहनी से लगती, यू.पी.25 अपनी रफ्तार पकड़ चुकी थी।

कहानी जारी रहेगी।


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