Kishanlal Sharma

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Kishanlal Sharma

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वितृष्णा

वितृष्णा

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"सामान क्यों ले आये?" उसने आगुन्तक को देखते ही कहा था।

"आपने ही कहा था, दो तीन दिन में कमरा खाली हो  जायेगा।"

"कहा तो था लेकिन----

उसने खाट पर पड़े मरणासन्न पिता की तरफ हेय नज़रों से देखते हुए कहा था


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