STORYMIRROR

Raghav Dubey

Others

2  

Raghav Dubey

Others

कड़वाहट

कड़वाहट

1 min
490


सुनसान रात में राधेय तेज़ कदमों के साथ अपने घर की और चला जा रहा था चाहता था कि झट से माँ के पास पहुंच जाए और उससे लिपट कर जी भर के रो ले और अपनी गलतियों का प्रायश्चित कर ले

आज की घटना उसके बाल-मन को विचलित किए हुए थीहोटल मालिक ने आज उसे माँ की गाली दी और हाथ भी चलाया, तब से उसका मन खिन्न हो गया, रह रह कर यही सोच रहा था कि आखिर वह घर से भाग कर आया ही क्यों? उसके माँ बाप उसे कितना प्यार करते थे, माँ ने उसे पीटा, तो वह घर से भाग गयाआखिर ग़लती तो उसकी ही थी, क्यो गया था स्कूल बंक करके पिक्चर देखने

सामने घर नजर आ रहा था उसने अपनी मैली सी कमीज़ से आँसू पोंछे और कुंडी खटखटायी, दरवाज़ा माँ ने ही खोला मानो उसी की बाट जोह रही हो, वो माँ से लिपट गया " मुझे माफ़ कर दो माँ"

दोनों की आँखो से अश्रु धारा बह निकली जिसमे बाल-मन की सारी कड़वाहट बही जा रही थी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन