जिंदगी खेल नहीं
जिंदगी खेल नहीं
1 min
276
मेरे मरने के बाद यदि कोई मुझ पर कहानी लिखे तो मैं चाहूंगी कि जिंदगी में हर एक पल संघर्ष करते हुए किस तरह अनुभवों को आधार बनाते हुए पुनः स्थापित कर वर्तमान में शरीर दान करने का निर्णय लिया, इसका उल्लेख अवश्य करें ताकि युवा पीढ़ी को मिले एक प्रेरणादायक उद्धरण और वे जिंदगी को खेल न समझे...
