जिंदगी खेल नहीं
जिंदगी खेल नहीं
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मेरे मरने के बाद यदि कोई मुझ पर कहानी लिखे तो मैं चाहूंगी कि जिंदगी में हर एक पल संघर्ष करते हुए किस तरह अनुभवों को आधार बनाते हुए पुनः स्थापित कर वर्तमान में शरीर दान करने का निर्णय लिया, इसका उल्लेख अवश्य करें ताकि युवा पीढ़ी को मिले एक प्रेरणादायक उद्धरण और वे जिंदगी को खेल न समझे...
