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तू एक है...

तू एक है तेरे चेहरे हजार, महंगी यह नकाब में छिपी शख्सियत के यू लगते बाजार, मुफ्त की तो यह मोहब्बत है तभी शायद उसकी कद्र नहीं होती फकीर है अये खुदा नहीं उठा सकते यह तेरे महंगे अजार।

By annanya sharma
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