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रुला कर...

रुला कर मुझको इक दिन तू भी रोएगी ऐ ज़िंदगी ख़फ़ा मुझसे जाने कब तक होएगी ऐ ज़िंदगी हौंसलो को तोड़ कर सब कोशिशों को रोक कर रुक जा अब तो कितना तू डुबोएगी ऐ ज़िंदगी

By Hemant Soni
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