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रखा था जब...

रखा था जब हाथ तेरी हथेलियों पर पूरा ब्रह्मांड रचा लिया था अपना एक जन्म से क्या होगा सदियों का सफ़र मांगा था इश्क में इतना हक तो जायज़ है भावु।

By Bhavna Thaker
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