STORYMIRROR

राही बनकर...

राही बनकर निकल पड़े हैं, किसी अनजान सफर पर चल पड़े हैं। हर मोड़ से लापता, हर कदम उठने के पहले देता है पहरा.. कभी कभी महसूस होता है, कि खुदकी ही साज़िशों में फंस गए हैं। ज़िन्दगी लंबी हैं, बस इसे ही ध्यान में रखकर, किसी अनजान सफर पर चल पड़े हैं।।

By Aanchal Jain
 196