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निरन्तर...

निरन्तर गतिशील रहना ही कर्म है और लक्ष्य को प्राप्त करना उसका फल इसीलिए कर्मफल यानी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें हमेशा कर्म अर्थात गतिशील रहना पड़ेगा। भाऊराव महंत

By BHAURAM MAHANT
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