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नदियों की...

नदियों की कलकल कोयल की कुहू नरम लता का लहराना पपीहे की पीहू प्रकृति की हंसी है झलक रही प्रफुल्लित करती देह संग रूह - नूतन

By Dr. Shikha Kaushik
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