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मेरी चुप्पी...

मेरी चुप्पी को खामोशी मत समझना, मेरी दिल्लगी को मजबूरी मत समझना, जिस दिन दोनों टूटेगें, मुझे पाने के तेरे हौसले पस्त होने लगेंगे। MAHAK GUPTA

By mahak gupta
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