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मौसम का...

मौसम का मिज़ाज़ कुछ ऐसा, फिजाओं में ठण्ड सी उबाल है. ये जो मीठा मीठा छूकर निकल रहा है मुझे शायद उनका ख़्याल है. शिकायतें सारी भीगी हुईं मगर दिल में वफ़ा की आग है. आंखों में चुभ रहें यादों के कांटे फिर भी होठों पे प्रेम राग है. ✍️ राkeSh SiNgH 'Soनू'

By राकेश सिंह सोनू
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