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मैं उसे खो...

मैं उसे खो न जाऊं, इस डर से झुकता रहा और वो मुझे कमजोर समझ झुकाते चले गए।। कवि:- अमित प्रेमशंकर ✍️

By अमित प्रेमशंकर
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